सबरीमाला मामला: वकील को 15 मिनट मिले, डेढ़ घंटे तक जिरह की; सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आपकी दलीलें प्रभावशाली थीं

सेवा संघम के वकील ने कहा- धर्म के मामलों की न्यायिक समीक्षा के वक्त सावधान रहना चाहिए संवैधानिक बेंच ने कहा- शारीरिक आधार पर लगाई गई रोक के प्रति हम बेपरवाह नहीं हो सकते   नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने 800 साल पुराने सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध को लेकर लगाई गई याचिकाओं पर गुरुवार को भी सुनवाई की। इस दौरान पीपुल फॉर धर्म और एनजीओ चेतना की तरफ से वकील साई दीपक को अदालत ने बोलने के लिए 10-15 मिनट का समय दिया। उन्होंने डेढ़ घंटे से ज्यादा वक्त तक जिरह की और किसी भी न्यायाधीश ने नहीं रोका। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली 5 सदस्यीय पीठ ने जो भी सवाल पूछे, दीपक ने उनका तुरंत जवाब भी दिया। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश ने कहा- मैं ये निश्चित तौर पर स्वीकार करता हूं कि आपकी दलीलें प्रभावशाली थीं।  साई दीपक भगवान अयप्पा के संवैधानिक अधिकार के लिए जिरह कर रहे थे। उन्होंने कहा- देवता की ब्रह्मचारी रहने की इच्छा का संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकारी और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) और 25(1) (धार्मिक स्वतंत्रता) के तहत सम्मान किया...

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