
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक देश में पिछले दो वर्ष में रेबीज के 190 मरीज सामने आए हैं। इलाज के दौरान सभी की मौत हो गई। दुनिया के करीब सभी देशों में रेबीज होने के बाद शत-प्रतिशत लोगों की मौत हो जाती है। अमेरिका एक मात्र देश है, जहां ऐसे सात मरीजों की जान बच पाई है। वह भी इसलिए, क्योंकि इन मरीजों को कभी न कभी रेबीज का टीका लगा था। एक बार टीका लगने पर पांच से सात वर्ष तक असर रहता है। अभी बाजार में रेबीज से बचाव के लिए जो टीका उपलब्ध है, उसका असर पांच से सात वर्ष ही रहता है। अब एक भारतीय कंपनी ने रेबीज से बचाव के लिए टीका विकसित किया है, जिस पर दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में अध्ययन किया जा रहा है।
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