
- 27 जुलाई को चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी पर होगा - पृथ्वी के सूर्य और चंद्रमा के बीच आने से 'ब्लड मून' की स्थिति बनेगी नई दिल्ली. 21वीं सदी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण शुक्रवार रात को होगा। इस दौरान 1 घंटा 43 मिनट तक चंद्रमा लाल दिखाई देगा, इसे 'ब्लड मून' भी कहा जाता है। इस खगोलीय घटना को भारत समेत दुनिया के कई देशों में देखा जा सकेगा। भारत में यह रात 11 बजकर 54 मिनट पर शुरू होगा। खगोलशास्त्रियों के मुताबिक, 27 जुलाई को चंद्रमा अपनी कक्षा में पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी पर होगा, इसे स्थिति को ल्यूनर एपोजी कहा जाता है। पृथ्वी और चंद्रमा के बीच ज्यादा दूरी की वजह से ग्रहण की लंबाई सबसे ज्यादा होगी। इस साल 31 जनवरी को भी पूर्ण चंद्रग्रहण हो चुका है। तब इसकी अवधि 1 घंटा 40 मिनट थी। सदी का सबसे छोटा चंद्रग्रहण 4 अप्रैल 2015 को हुआ था। इसका वक्त सिर्फ 4 मिनट 48 सेकंड था। अब 31 दिसंबर 2028 को अगला पूर्ण चंद्रग्रहण होगा। इससे पहले जुलाई 2000 और जून 2011 में भी पूर्ण चंद्रग्रहण हो चुके हैं। क्यों होता है चंद्रग्रहण : सूर्य की परिक्रमा करते हुए पृथ्वी...
आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
from दैनिक भास्कर https://ift.tt/2NPq6mv
via
IFTTT
Comments
Post a Comment